एक शख़्स

A love that erases you quietly — how one person can become a habit, then a scar.

एक शख़्स मुसलसल ख़ुद को मेरा दिखाता रहा
मेरे सच्चे इश्क़ में झूठ कुछ इस क़दर मिलाता रहा
कुछ इस बारीकी से मेरे जज़्बातों का क़त्ल कर गया और
पूरे ज़माने में मुझे ही क़ातिल बताता रहा |

मेरे दिन, मेरी रात को अपना बना लिया उसने
धीरे-धीरे ख़ुद को मेरी आदत बनाता रहा |

ख़ुद की ज़रूरत को ज़रूरत और मेरी ज़रूरतों को दरकिनार कर दिया
जिन राहों पे चलना था साथ, उन पे अकेले ही मुझे चलाता रहा |

मुझे कुछ यूँ अकेला कर देने की ख़्वाहिश थी उसकी
मुझसे रिश्ते तुड़वा कर, मेरे अपनों से रिश्ते बुनाता रहा |

इश्क़ की बाज़ी में कुछ यूँ मात दे गया
मुझसे सीखा प्यार ही जाकर दूसरों से जताता रहा |

कुछ इस क़दर छाप छोड़ गया है अपनी
ख़ुद से दूर करने के बाद भी अक्सर याद आता रहा ||

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