इंस्टी तुम्हे बुलाता हूँ
A return to campus in memory — meals, hallways, friendships, and the ache of a last goodbye.
5 फुट का कद था मेरा, किन्तु सपने मेरे हज़ार थे
अनुशासन के चंगुल से तब, हुए हम फरार थे
अपने इस सफर की आज, गाथा तुम्हे सुनाता हूँ
मैं इंस्टी तुम्हे बुलाता हूँ |
खुद बेजान होकर उसने, हम सबको पाला था
दोस्ती और तज़ुर्बे का भाव, हम सब में डाला था
उस ईट के ढांचे के पास, अब मैं जाना चाहता हूँ
मैं इंस्टी तुम्हे बुलाता हूँ |
संडे को आलू पराठा, थर्सडे को ऑमलेट
वेडनेसडे को साउथ इंडियन, सैटरडे को स्पेशल प्लेट
आओ चलो फिर एक बार, हफ्ते के दिन गिनवाता हूँ
मैं इंस्टी तुम्हे बुलाता हूँ |
सुबह उठकर क्लास जाना, हमेशा बहुत अखरता था,
रूमी का वो तेज़ अलार्म, हर दिन की नींद ख़राब करता था |
अब MSTeams और Zoom के बीच, लास्ट बेंच के सपने याद दिलाता हूँ,
मैं इंस्टी तुम्हे बुलाता हूँ |
वो 5 की घंटी बजते ही, स्नैक्स के खाने की फील आ जाती थी,
एग कार्ड्स की सारी डील्स, हॉस्टल गेट पे ही सील हो जाती थी |
आओ schezwan डोसा की उस लम्बी लाइन का, एहसास तुम्हे करवाता हूँ,
मैं इंस्टी तुम्हे बुलाता हूँ |
BnB की कॉफ़ी विथ लेट नाईट वॉक्स,
कैंपस हब के जुसेस ओवर नॉट सो सीरियस टॉक्स |
H2 कैंटीन की तगड़ा फ्रैंकी और H14 नाईट मेस का ठंडा दूध, फिर से तुम्हे चखाता हूँ,
मैं इंस्टी तुम्हे बुलाता हूँ |
स्लॉट 1 के बाद का ब्रेक, या शिरू कैफ़े की कॉफ़ी का टेस्ट,
वो हीरानंदानी में खाने जाना, या आलस करके गुलमोहर पे ही रुक जाना|
ऐंड सेम के नाईट आउट के लिए, बदलू कैंटीन की अदरक चाय की महक दिलवाता हूँ,
मैं इंस्टी तुम्हे बुलाता हूँ |
इंस्टी PORs की रेस या MI का क्रेज हो ,
इंटर्नशिप/प्लेसमेंट का फेज या इस सेम दससी की चेज़ हो,
खुली आँखों से एक बार फिर, वो चार दिन का सपना जी कर दिखता हूँ ,
मैं इंस्टी तुम्हे बुलाता हूँ |
जब सालसा नाईट का प्रेशर assignments से ज़्यादा था,
H10 में एंट्री हो या प्रॉम नाईट का वादा था,
इंस्टी के वो पहले प्यार के एहसास से, रूबरू वापस करवाता हूँ,
मैं इंस्टी तुम्हे बुलाता हूँ |
वो ट्रिप्स का छूट जाना या प्रॉम में क्रश को न देख पाना,
ऑफलाइन टेन्योर में इवेंट्स मचाना या फाइनल गुडबाय भी न बोल पाना |
मैं बस अब एक आखिर बार, तुम्हारी यादों को दोहराता हूँ,
मैं इंस्टी तुम्हे बुलाता हूँ ||
Loading comments...